
दर्शन, धर्म एवं अंतर-परंपरा
SIKHI: An Inter-Traditional Sanatanसिखी: एक अंतर-परंपरागत सनातन संवाद
A Global Cultural Synthesis of Eternal Dharma and Gurmat
यह पुस्तक सिखी, सनातन दर्शन और सत्य की सार्वभौमिक खोज के बीच संवाद का अध्ययन प्रस्तुत करती है। यह गुरमत, वेदांत, सेवा, नैतिकता और दिव्य चेतना को संघर्ष या प्रतिस्पर्धा के बजाय सांस्कृतिक सह-अस्तित्व के संदर्भ में देखती है।
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यह पुस्तक सिखी, सनातन दर्शन और सत्य की सार्वभौमिक खोज के बीच संवाद का अध्ययन प्रस्तुत करती है। यह गुरमत, वेदांत, सेवा, नैतिकता और दिव्य चेतना को संघर्ष या प्रतिस्पर्धा के बजाय सांस्कृतिक सह-अस्तित्व के संदर्भ में देखती है।
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- सनातन का शाश्वत अर्थ
- सिखी की उत्पत्ति और दर्शन
- गुरमत और वेदांत
- नाम सिमरन और सार्वभौमिक ध्यान
- सेवा, कर्म और नैतिक जीवन
- न्याय, समाज और हल्मी राज
- नितनेम, गुरुपर्व और जीवंत परंपरा
अध्ययन के लिए